घूरा की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, पीड़ितों ने एसपी व जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

 घूरा की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, पीड़ितों ने एसपी व जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

लखीमपुर-खीरी । जनपद थाना कोतवाली सदर क्षेत्र अंतर्गत चौकी महेवागंज के ग्राम सिंघनिया निवासी कई ग्रामीणों ने गांव की पुरानी घूरा (कचरा डालने की) भूमि पर जबरन अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ जिलाधिकारी को भी लिखित प्रार्थना-पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि उक्त घूरा की भूमि उनके पूर्वजों के समय से लगभग 100 वर्षों से गांव के सामूहिक उपयोग में चली आ रही है। यह भूमि लंबे समय से गांव में कचरा डालने और अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए प्रयुक्त होती रही है। वर्तमान में भी यह स्थान गड्ढे के रूप में मौजूद है और गांव की सार्वजनिक संपत्ति मानी जाती है। आरोप है कि गांव का ही निवासी राजाराम पुत्र पुत्तू, जो उक्त भूमि से लगभग 150 मीटर दूर निवास करता है, जबरन इस भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जबकि उसका इस जमीन से कोई संबंध या अधिकार नहीं है।

पीड़ितों के अनुसार, विवाद को सुलझाने के लिए चौकी स्तर पर तथा गांव के सम्मानित लोगों की मौजूदगी में तीन बार सुलह-समझौता भी कराया गया, लेकिन विपक्षी द्वारा किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद विपक्षी ने चौकी महेवागंज पर तैनात पुलिसकर्मी राज कपूर से सांठगांठ कर घूरा की भूमि पर टटिया लगवा दी, जिससे अवैध कब्जे की मंशा स्पष्ट नजर आती है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने अवैध रूप से लगाई गई टटिया हटाकर थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो अपेक्षित कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उल्टा पीड़ित पक्ष के लोगों का ही धारा 151 के तहत चालान कर दिया। इस कार्रवाई के चलते सभी पीड़ितों को जमानत पर रिहा होना पड़ा। आरोप है कि विपक्षी खुलेआम यह कहता फिर रहा है कि “पुलिस हमारी है, हमारा कुछ नहीं होगा,” जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

पीड़ित ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि घूरा की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को तत्काल रोका जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा पुलिसकर्मियों द्वारा किए जा रहे कथित उत्पीड़न से उन्हें राहत दिलाई जाए।


ग्रामीणों ने बताया कि वे जिलाधिकारी से भी मिले, जहां उन्होंने पूरे मामले से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि शीघ्र ही घूरा की भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। फिलहाल पीड़ितों को प्रशासन से शीघ्र न्याय मिलने की उम्मीद है।

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